December 29, 2012

Nirbhaya


निर्भय

तुमने बहुत सहा ,उन्होंने कुछ न कहा
तुम चुप चाप कराहती रही ,यहाँ लाठियां बरसती रहीं

तुम सदा के लिए सो गयी ,पर जगा कर गयी हम सबको
छोड़ गयी इन आँखों में सैलाब,शर्म, गुस्सा और दधकती आग

त्राहि त्राहि सब ओर,यह कैसा समाज, ये कैसा समय
तुम्हारा बलिदान अमूल्य, पुकारता निर्भय, निर्भय
 
- मीनाक्षी ( 29 दिसम्बर , 2012 )

December 24, 2012

ज्वालामुखी


ज्वालामुखी 

बरसों बाद फूटा है ये ज्वाला 
जो मैंने , तुमने और हर लड़की ने सहा है 
अब न रुकूंगी मैं , अब और ना सहूंगी मैं 
दामिनी हूँ मैं , शक्ति हूँ मैं 
मैं ही जननी हूँ , मेरा तुम पर उपकार है 
आज हुआ ये जो बलात्कार है ,
यह उसी जननी की अस्मिता पे वार है 
काली हूँ मैं , अब वेह्शियों का करना नरसंहार है 
संभल जाओ , यह तुम्हारे दूध को ललकार है 
हिंदुस्तान हो गया था कब का आज़ाद ,
पर आज भी यहाँ का आदमी घिनोनी सोच में गिरफ्तार है 
कुंठित हूँ मैं , की आखिर क्यूं ये आदमी हो गया जानवर से बदतर 
ऐसे आदमी होने को धिक्कार है , धिक्कार है 

- मीनाक्षी ( 24 दिसम्बर , 2012 )

Desh taiyaar hai

आज इंडिया गेट में मचा हाहाकार है 
उबल रहा है हर युवा , 
के संभल जाओ , बहोत हुआ 
करो इन्साफ , ये गुस्सा है 
हर लड़की की चीत्कार है 
मांग है , बराबरी से जीने का अधिकार है 
तड़प जाएँ वो वेहशी , जिन्होंने किया भारत माँ की अस्मिता पे वार है 

कराह रही है दामिनी , कराह रहा है देश 
पुलिस बरसाती लाठियां , आंसू गैस की बोछार है 
मुंह छुपा कर बैठें है देश के सरंक्षक ,
गूंगी बहरी पत्थर सरकार है

अब हरे और सन्तरी रंगों से अलग न कर सकोगे हमको
हम कमज़ोर नहीं हैं अब , एकजुट तैयार हैं
अब उठेगा जनाज़ा इस सरकार का
ग़र इक और बरसी लाठी यहाँ
की यह अमानवीय है , जनता का तिरस्कार है
न सहेंगे और हम, न थमेंगे अब कदम
के अब कफ़न बांधे खड़ा है हर युवा
ख़बरदार है, तैयार है

- मीनाक्षी ( दिसम्बर 23, 2012)

December 13, 2012

What a rain!

Rain

You came, washed off those stains
That everlasting pain
Grudges flowed, down the drain
I am left wet and pure, 
It's you, I am sure
What a rain!

- Meenaxi

December 12, 2012

Only When...

Only When...

Only when You can see 
Yourself, within me
Only then its love
Euphoric and free

Only when you shed that all
And Become a child
Only then we can discover

Go wet and wild

Only when You wipe off that dust
The mirror will get crystal clear
Only then we can see each other....